Mehdi Husain Khaalis

तू किये जाता है जिसके भी हवाले मुझको
उससे कहना कि तेरी तरह सँभाले मुझको

मुझसे मत माँग मुझे हक़ नहीं मेरा मुझपर
जिस किसी का हूँ उसी से तू चुरा ले मुझको

प्यार तो रूह का रिश्ता है मगर ठीक है चल
तेरी ख़्वाहिश है तो ले हाथ लगा ले मुझको

फिर भी तुझपर है यक़ीं वर्ना तेरे बारे में
कितना कुछ बोलते हैं बोलने वाले मुझको

तूने नाराज़ किया है मुझे तू ही कुछ कर
इससे पहले कि कोई और मना ले मुझको

इतनी ख़ुशियाँ मुझे रास आती नहीं इक-दम से
अंधा कर दें न कहीं इतने उजाले मुझको

इतनी वहशत है कि उठ सकता है कोई भी क़दम
ख़ुदको मैं मार न दूँ कोई बचा ले मुझको
Mehdi Husain Khaalis