Nakul Kumar

पेट में दाना नहीं उपवास लेकर क्या करें
मर चुके प्यासे परिंदे प्यास लेकर क्या करें

सार्वभौमिक सत्य है ये मृत्यु का आना है तय
मछलियाँ बगुलों से फिर विश्वास लेकर क्या करें

ज़िंदगी खा जाएगी सरकार की माफ़िक हमें
ज़हर की गोली या फिर सल्फास लेकर क्या करें

पेट भरने के लिए अब दूर हैं बच्चों से हम
और फिर इससे अलग संन्यास लेकर क्या करें

सब के सब हैं जा चुके तुम भी चले ही जाओगे
फिर भी हम तुमसे कोई अब आस लेकर क्या करें

हम कि जो भूगोल से बाहर रहे सदियों तलक
अब तुम्हारा गौरवी इतिहास लेकर क्या करें
Nakul Kumar

Nakul Kumar | We The Sukhanwar