ज़रा भी दिल में नहीं है चुभन बिछड़ने कीवगरना माथे पे होती शिकन बिछड़ने कीअधर भी उस परी के आज तक नहीं चूमेबता रही है जो कारण "बदन" बिछड़ने कीDhirendra Pratap Singh