ख़ुशी उनको मिली थी देख करके
मेरी आँखों में पानी देख करके
नए आशिक़ ने ख़ुद को मार डाला
रक़ीबों की तरक्की देख करके
अमीरों को अपच होने लगी है
दर-ए-मुफ़लिस पे रोटी देख करके
कहीं नज़दीकियां बढ़ने लगी हैं
हमारे बीच दूरी देख करके
परिंदों से न पूछो क्या हुआ है
कटे पेड़ों की टहनी देख करके
VIKAS OM SHARMA