उस परी की याद आनी थी हमेंसोग की बातें बतानी थी हमेंख़्वाब ज़ेर-ए-तेग़ रखकर चल दिएमुफ़लिसी घर की मिटानी थी हमेंमौत से उलझे इसी उम्मीद मेंबात उनकी आज़मानी थी हमेंउस गली को छोड़कर हम आ गएजिस गली से सरगिरानी थी हमेंHappy Srivastava 'Ambar'