Mahesh Kumar Kuldeep

हर दुख ओझल कर देती है
माँ जब आँचल कर देती है

उसके हाथों में ख़ुशबू है
छूकर संदल कर देती है

हाथ दुआ का रखती है वो
जीत मुकम्मल कर देती है

दानाई से काम लीजिए
हर मुश्किल हल कर देती है

रंग अना का चढ़ने मत दे
सोना पीतल कर देती है

अच्छे खासे एक शहर को
नफ़रत जंगल कर देती है

इतना भी मत चाहो 'कुलदीप'
दौलत पागल कर देती है
Mahesh Kumar Kuldeep