जिन लोगों के पास शराफ़त होती है,
बेचारों की हार मोहब्बत होती है।
उसको मिलने वाले ही सब अंधे हैं,
बिन देखे भी उससे निस्बत होती है।
सबने अपने दुख को ऊपर रक्खा है,
सबके दुख की अपनी कीमत होती है।
सच कहने को अक्सर ही घबराते हैं,
झूठ कहो तो सबकी हिम्मत होती है।
आखिर आखिर सबका रंग उतरता है,
पहली मोहब्बत पहली मोहब्बत होती है।
Pranav Mishra